टोल बैरियर्स पर वाहनों की संख्या बढ़ने से लगने लगे जाम, आगे के फैसले को लेकर कैप्टन कैबिनेट में चर्चा करेंगे

कोरोना वायरस के संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए देशभर के साथ पंजाब में भी चौथे फेज के लॉकडाउन का बुधवार को दसवां दिन है। इसी बीच पंजाब में कोरोना वायरस से अब तक 2225 लोग संक्रमित हुए। पहले तब्लीगी जमात सेहत विभाग के लिए सिरदर्दी बनी, फिर नांदेड़ से लाए गए श्रद्धालु तो अब विदेश और देश के दूसरे राज्यों में फंसे लोग भी समस्या का कारण बने हुए हैं। अब तक राज्य में 46 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि रिकवरी रेट भी देश में सबसे ज्यादा है,जिसके चलते 1997 लोग ठीक हो गए हैं। बावजूद इसके कई जिलों में आए दिन नए केस जुड़ रहे हैं।अमृतसर पूरे राज्य में सबसे अधिक संक्रमण के केसों वाला जिला है। अब तक के हालात और इनके मद्देनजर आगे के फैसले पर आज दोपहर बाद 3 बजे कैबिनेट की बैठक में चर्चा होगी।
हालांकिपिछले 9 दिन से राज्य में विभिन्न दुकानें दिन के 12 घंटे खोले जाने की अनुमति है, वहीं कर्फ्यू खत्म होने के बाद अब टोल बैरियर्स पर वाहनों की संख्या एकाएक बढ़नी शुरू हो गई है। हालांकि कर्फ्यू शुरू होने से पहले के हालात के मुकाबले आधे वाहन ही गुजर रहे हैं। कहीं-कहीं लेन कम खोले जाने के चलते जाम की भी स्थिति पैदा होती रहती है।

  • जालंधर-लुधियाना हाईवे के लाडोवाल टोल प्लाजा पर 12 में से सिर्फ तीन लेन ही खोली गई हैं। इन्हीं में से फास्टैग वाले भी गुजर रहे हैं और कैश पेमेंट वाले भी। यही कारण है कि यहां जाम रहता है। यहां तक कि बीते दिन जाम में हाईकोर्ट के एक जज और पंजाब पुलिस के आईजी भी फंस चुके हैं।
  • अमृतसर-जालंधर हाईवे पर स्थित मानांवाला और ढिलवां में क‌र्फ्यू से पहले के मुकाबले टोल प्लाजा से निकलने वाले वाहनों की संख्या 50 फीसदी से भी कम रह गई है।
  • तरनतारन के गांव उसमां के टोल प्लाजा पर इन दिनों रोज 4 हजार से अधिक वाहन गुजर रहे हैं। टोल प्लाजा के सभी लेन ओपन कर दिए गए हैं। क‌र्फ्यू से पहले टोल पर एक दिन में छह हजार के करीब वाहनों की एंट्री होती थी। अब दोबारा जम्मू-कश्मीर और राजस्थान के बीच मार्बल, फ्रूट, रेत, सीमेंट, प्याज के अलावा अन्य सामग्री के बड़े ट्रकों की आमद होने लगी है।
  • इसी तरह पठानकोट-अमृतसर रोड पर लदपालावा टोल प्लाजा पर वाहनों की कतारें लगने लगी हैं। यहां पहले करीब 15 हजार वाहन रोजाना गुजरते थे। अब यही तादाद वाहनों की 8 हजार के आसपास रह रही है।

पुलिस की कार्रवाई

लुधियाना में नाके पर तैनात पुलिस बल को दिशा-निर्देश देते पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल।

लुधियाना में बिना मास्‍क घर से बाहर निकलने वाले लोगों पर पुलिस कार्रवाई कर रही है। बस्ती जोधेवाल पुलिस ने काकोवाल रोड पर न्यू बसंत विहार निवासी राजेश कुमार और काकोवाल कट के पास घूम रहे गगनदीप कॉलोनी निवासी साहिल शर्मा को गिरफ्तार किया। थाना सलेम टाबरी पुलिस ने गांव तलवंडी कलां में गांव के निवासी कुलदीप को गिरफ्तार किया। थाना डिवीजन नंबर 4 पुलिस ने वेद मंदिर चौक के पास चंडीगढ़ रोड के बचित्र एन्क्लेव निवासी गौरव मल्होत्रा को गिरफ्तार किया।

गुरदासपुर में भी मास्क नहीं लगाने और यहां-वहां थूकने पर पुलिस ने 50 लोगों के चालान किए हैं। कई को गिरफ्तार किए जाने के बाद चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।

पठानकोट-डमटाल का इलाका सील
हिमाचल एवं देहरादून से पठानकोट लौटे सात लोगों को जांच के बाद सेहत विभाग ने 14 दिन के लिए एकांतवास में रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लमीनी के रहने वाले आलू-प्याज के कारोबारी के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद डमटाल स्थित अनाज मंडी को सील कर दिया गया है। हिमाचल प्रशासन इसकी जानकारी जुटा रहा है कि अनाज मंडी डमटाल में लमीनी के रहने वाले कारोबारी के सम्पर्क कौन-कौन रहा है।
मजदूर तबके की समस्या

पटियाला में रेलवे स्टेशन के पुल के नीचे प्रदर्शन करते घर जाने की इच्छा रखने वाले प्रवासी मजदूर।

पटियाला में रेलवे स्टेशन के पुल के नीचे जमा हुए सैकड़ों प्रवासी मजदूरों ने रोष जताया कि वे भी अपने घरों में जाने के इच्छुक हैं, लेकिन उन्हें कोई ट्रेन लेकर नहीं जा रही। बेतिया के कृष्णा ने कहा कि मंगलवार को उसकी धूरी से रेलगाड़ी की बुकिंग थी, लेकिन वह निकल गई। उसे कहा गया है कि पटियाला से ट्रेन जा रही है, इसलिए वह यहां आए हैं। सहरसा के मिट्ठू कुमार ने कहा कि ऑनलाइन बुकिंग के बाद मोबाइल पर मैसेज आया था कि आपको ट्रेन की जानकारी दी जाएगी, लेकिन उनको न कोई फोन आया और न ही कोई संदेश आया। अब इस उम्मीद में बैठे हैं कि कोई ट्रेन सहरसा जाएगी। मुकेश कुमार ने कहा कि उसकी भी धूरी से ट्रेन जा चुकी है।
रेलवे स्टेशन के सीनियर सुपरिटेंडेंट कहते हैं कि अब तक 24 रेलगाड़ियां 31,580 यात्रियों को लेकर जा चुकी हैं। कुछ दिनों से अपने घर जाने वाले लोग पटियाला की बजाय अन्य जिलों से भी आ रहे थे। किसी को भी यह कहकर वापस नहीं भेजा गया कि वो दूसरे जिले के हैं, बल्कि सबको रेलगाड़ी पर उनके घर भेजा गया है। अब बुकिंग काफी कम रह गई है, जिसके लिए रेलगाड़ी चलाना मुश्किल है। जिनकी बुकिंग है, उनका प्रशासन कोई इंतजाम करेगा या नहीं इसके बारे में पता नहीं।

कोटकपूरा में मुक्तसर रोड पर स्थित रेलवे ओवरब्रिज के नीचे मिस्त्री मजदूर यूनियन के अड्डे पर अपनी समस्या के बारे में बात करते मिस्त्री-मजदूर।

कोटकपूरा में मजदूरों ने कहा कि क‌र्फ्यू खत्म होने के बावजूद उन्हें पहले की तरह काम नहीं मिल रहा। शिदर सिंह मिस्त्री समेत अन्य मजदूरों ने कहा कि क‌र्फ्यू के दौरान इन्हें कई सामाजिक संस्थाएं लंगर राशन पहुंचाती रही हैं, लेकिन यह अब एक तरह से बंद हो चुका है। क‌र्फ्यू से पहले मिस्त्री को 15 हजार तो मजदूर को औसत 8000 रुपए महीना कमाई होती थी। अब काम न के बराबर होने के चलते इन लोगों ने सरकारी मदद मांगी हैं।



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पठानकोट-अमृतसर रोड पर स्थित लदपालावा टोल प्लाजा पर लगी वाहनों की कतारें। राज्य में कई जगह इसी तरह के या यूं कहिए कि फिल्लौर के लाडोवाल टोल प्लाजा पर तो हालात इससे भी बदतर हैं।


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